Life

जीवन

कुछ याद ही, ना रहा।
मैं क्या लिखूं, इन पन्नो में।

मैं उलझा हूँ, मैं बिखरा हूँ।
ना जाने कितने जन्मो से।

अरमानो में है जज़्बा, अभी भी कुछ तो करने का।
पर जब साथ ही ना दे खुदा, तो किस वजह से लड़ने का।

हारना, ना था मुझे, पर जीत भी तो ना मिली।
कल शांत मेरी दुनिया थी, ना जाने फिर क्यों आज हिली।

हां हैं मिली, जो ज़िन्दगी, पर बिन ख़ुशी किस काम की।
अब साँसे ही, तो ले रहा, तो ज़िन्दगी सिर्फ नाम की।

पहचान थी जो मेरी, अब वो भी मुझसे खो रही।
हूँ शांत मैं तो दिख रहा, पर धड़कन मेरी रों रही।

हूँ अंदर से मैं खोखला, पर तब भी मैं तो हँस रहा।
पर दुःख का ये जो फंदा है, मेरी गर्दन को कस रहा।

डँस रहा जो नाग है, ये जीवन का ही भाग है।
ये ज़िन्दगी का नही, बस दुःख का एक राग है।

-----------Deeptheburner----------

"Life"

My life was a misery.
Filled with tragedy.
Faced many treachery.
I had the time,when all were in hurry.

I stopped for a while but walked for a mile .
I paid for that, which wasn't my crime.
Enzymes of my body refused to flow.
You can't even guess how much I was low.

People were hitting me below the belt.
They had the heart which refused to melt.
I felt i would fail, All I wanted to cry.
I was introvert people called me shy.

I fell so hard.
Had no strength to stand.
Wanted someone's help.
But no one even recognized my name.

No one there to pull me up
That's the time when I boosted myself
So I made my mind to help myself
Coz even God help those who help themself.

--------Deeptheburner---------

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